क्या आप जानते है पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाने के फायदे?

क्या आप जानते है पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाने के फायदे

क्या आप जानते है पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा लगाने के फायदे?

Astrology Feb 9, 2021 No Comments

जैसा कि हम सब जानते है कि हिन्दू धर्म में परिक्रमा का बहुत ज्यादा महत्व होता है। परिक्रमा से अभिप्राय है कि स्थान, स्थान विशेष या किसी व्यक्ति के चारों ओर उसकी बाहिनी तरफ से घूमना। परिक्रमा को हिन्दू धर्म में प्रदक्षिणा करना भी कहते है। जो षोडशोपचार पूजा का एक अंग है। प्रदक्षिणा की प्रथा अतिप्राचीन है। मंदिर, तीर्थ, देवता, नदी, वृक्ष आदि की परिक्रमा लगाने का अलग अलग महत्व है। आज के लेख में हम आपको बताएगे पीपल की परिक्रमा लगाने के लाभ।

  • इस बात का उल्लेख स्कन्द पुराण है कि पीपल के वृक्ष में सभी देवताओं का वास होता है। पीपल की छाया में ऑक्सीजन से भरपूर आरोग्यवर्धक वातावरण निर्मित होता है। पीपल के इस वातावरण से वात, पित्त और कफ का शमन-नियमन होता है तथा तीनों स्थितियों का संतुलन भी बना रहता है। इसलिए पीपल की कम 108 परिक्रमा लगाने का विधान है।
  • इस बात से तो सब वाकिफ है कि पीपल की पूजा का प्रचलन प्राचीन काल से ही रहा है। इसके कई पुरातात्विक प्रमाण भी है। इससे मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।
  • अश्वत्थोपनयन व्रत के संदर्भ में महर्षि शौनक कहते हैं कि मंगल मुहूर्त में पीपल वृक्ष की नित्य 3 बार परिक्रमा करने और जल चढ़ाने पर दरिद्रता, दु:ख और दुर्भाग्य का विनाश होता है।धन समृद्धि बढ़ती है। पीपल के दर्शन-पूजन से दीर्घायु तथा समृद्धि प्राप्त होती है। अश्वत्थ व्रत अनुष्ठान से कन्या अखण्ड सौभाग्य पाती है।
  • शनिवार की अमावस्या को पीपल वृक्ष की पूजा और सात परिक्रमा करके काले तिल से युक्त सरसो के तेल के दीपक को जलाकर छायादान करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है। अनुराधा नक्षत्र से युक्त शनिवार की अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष के पूजन से शनि पीड़ा से व्यक्ति मुक्त हो जाता है।
  • स्पेशलिस्ट के अनुसार पीपल के वृक्ष के नीचे शनिवार के दिन हनुमान की पूजा परिक्रमा करने से सभी तरह के संकट से मुक्ति मिल जाती है।

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